
दक्षिण-पश्चिम जिले के किशनगढ़ थाने की पुलिस ने वाहन चोरी की तीन घटनाओं को सुलझाते हुए दो शातिर अपराधियों को हिरासत में ले लिया। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच और तकनीकी ट्रैकिंग ने इस सफलता का आधार तैयार किया।
आरोपियों के पास से तीन चेरी एलॉय व्हील टायर, इन्हें खोलने के उपकरण और अपराध में इस्तेमाल हुंडई ऑरा कार जब्त की गई। अंकित (37) और केतन टोकस, दोनों नई दिल्ली के निवासी, नशे की लत के चलते इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
29 जनवरी को वी कुमार ने अपनी हुंडई ऑरा से पार्किंग में चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। ई-एफआईआर के बाद पुलिस ने तत्काल सीसीटीवी खंगाले, जिसमें 28 जनवरी शाम 5:30 बजे संदिग्धों को कार के आसपास देखा गया। एक हुंडई कार को अंकित के नाम पर ट्रेस किया गया।
मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस से लाजपत नगर, महिपालपुर व किशनगढ़ में उनकी गतिविधियां पकड़ी गईं। जाल बिछाकर अंकित को कार सहित पकड़ा गया। पूछताछ में उसने कबूल किया और चोरी का माल बरामद हुआ, फिर साथी केतन को औजारों समेत गिरफ्तार किया।
एसआई धर्मेंद्र के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल योगेश, अशोक, कांस्टेबल संजीव व धर्मेंद्र की टीम ने इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव व एसीपी मेल्विन वर्गीस के निर्देशन में कार्रवाई की। अंकित पहले ड्राइवर था, बाद में रैपिडो पर ऑरा चलाता था। नशे के लिए चोरी करता था।
किशनगढ़ थाने के तीन मामले सुलझे, जांच जारी है।