
राजधानी दिल्ली में वाहन लोन के नाम पर हो रहे बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं और उनकी परेड से 5 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की लंबी निगरानी और खुफिया जानकारी पर आधारित थी।
गिरोह आसमान छूते ब्याज दरों से परेशान ग्राहकों को निशाना बनाता था। फर्जी कंपनियों के नाम से लोन देने का लालच देकर कागजात और अग्रिम राशि वसूल ली जाती। लोन स्वीकृत होने का झांसा देकर आरोपी गायब हो जाते, जिससे सैकड़ों परिवार कर्ज के जाल में फंस गए।
जांच में पता चला कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था और 50 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका था। वेस्ट दिल्ली के ऑटो हब में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर दबिश दी गई। मौके पर डायरी, फर्जी दस्तावेज और गाड़ियां जब्त हुईं।
आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ रही है और और गिरफ्तारियां imminent हैं। इस कार्रवाई से वाहन फाइनेंसिंग क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। पीड़ितों से अपील है कि आगे आएं।