
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वित्तीय अपराध के एक बड़े जाल को तोड़ते हुए न्यू राजेंद्र नगर से 36 वर्षीय मोहसिन मोहम्मद को गिरफ्तार किया है। इस धोखाधड़ी में कुल 1.37 करोड़ रुपये और 80,000 अमेरिकी डॉलर की ठगी हुई, जो मीट एक्सपोर्ट के नाम पर निवेशकों को लालच देने का मामला है।
क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 137/25 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4)/316/61(2) के तहत मामला दर्ज है। शिकायतकर्ता अर्जुन अरोड़ा ने बताया कि आरोपी ने खुद को दुबई समेत विदेशों में मीट निर्यात करने वाले बड़े व्यापारी के रूप में पेश किया। मोटे मुनाफे का वादा कर शिकायतकर्ता के पिता के खाते से 67.70 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए और दुबई के जरिए 80,000 डॉलर की व्यवस्था की।
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक के चेक जारी किए गए, लेकिन पैसे की कमी का बहाना बनाकर उन्हें बाउंस करा दिया। इसी तरह परविंदर सिंह और टी.आर. मेघवाल जैसे अन्य लोगों को भी चूना लगाया। ठगी के बाद आरोपी गायब हो गया और पूछताछ से बचता रहा।
20 फरवरी 2026 को न्यू राजेंद्र नगर में उसके होने की पक्की खबर मिली। एसआई मोहित, एसआई दिनेश, एएसआई दीपक, एचसी पंकज और एचसी अश्विनी की टीम ने डबल स्टोरी भवन पर छापा मारा। पहचान पुष्टि होने पर सुप्रीम कोर्ट दिशानिर्देशों के अनुरूप गिरफ्तारी की गई और परिजनों को सूचना दी।
आरोपी की पूर्व संलिप्तता एफआईआर 154/2021 में भी सामने आई, जो उसके लंबे अपराधी इतिहास को दर्शाती है। अब सहयोगियों की तलाश और राशि वसूली पर जोर है। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) विक्रम सिंह ने इसे जटिल वित्तीय मामलों में पुलिस की मेहनत का परिणाम बताया।
ऐसे मामलों से सावधान रहें, निवेश से पहले पूरी जांच करें। यह गिरफ्तारी अपराधियों को कड़ा संदेश देती है।