
दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट में हुई हिंसक झड़प के मामले में मंगलवार को छह और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद अब तक कुल 18 संदिग्ध हिरासत में हैं। पुरानी दिल्ली के इस ऐतिहासिक इलाके में सड़क चौड़ीकरण और अवैध निर्माण हटाने के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए थे।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, आगजनी की कोशिश की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। कई लोग घायल हुए और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा के आधार पर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया।
उत्तर जिले के डीसीपी ने बताया कि ये आरोपी 22 से 45 साल के बीच के हैं और स्थानीय स्तर पर उपद्रव फैलाने में सक्रिय रहे हैं। ‘हमें इस हिंसा के पीछे की पूरी साजिश उजागर करनी है। कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।’
तुर्कमान गेट बाजार अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, लेकिन दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। राजनीतिक दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। स्थानीय निवासी विकास योजनाओं से विस्थापन के डर से चिंतित हैं।
पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट्स पर नजर रखी जा रही है। फोरेंसिक जांच जारी है। यह घटना दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में शहरीकरण की चुनौतियों को उजागर करती है। शांतिपूर्ण संवाद ही समाधान का रास्ता है।