
दिल्ली की सड़कों पर अब मानवता की मिसाल कायम करने वालों को सम्मान और नकद पुरस्कार मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र की ‘राह-वीर योजना’ को राजधानी में लागू करने की घोषणा की है। इस योजना में सड़क हादसों में बुरी तरह घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
लोग अक्सर कानूनी पेचीदगियों या पुलिस पूछताछ के डर से सहायता से कतराते हैं। यह योजना उस भय को समाप्त कर सामान्य नागरिकों को आगे आने के लिए प्रेरित करेगी। खासकर ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा पहुंचाना जीवन रक्षा का आधार है।
महानगर में भारी ट्रैफिक के बीच त्वरित मदद जानलेवा साबित हो सकती है। सड़क परिवहन मंत्रालय का अनुमान है कि ज्यादा लोग मदद करेंगे तो मौतों में कमी आएगी। यह मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134ए के गुड सेमेरिटन नियमों पर आधारित है, जो सहायकों को कानूनी छूट देता है।
योग्यता सरल है: घायल को समय रहते अस्पताल पहुंचाना। एक ही हादसे में कई को बचाने पर भी अधिकतम 25 हजार। सालाना 10 सर्वोत्तम राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख का पुरस्कार।
जिला समितियां मूल्यांकन करेंगी, जिसमें डीएम, पुलिस, चिकित्सा और परिवहन अधिकारी शामिल। पुरस्कार बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर, डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता। केंद्र से प्रारंभिक अनुदान।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह योजना सड़क सुरक्षा को मजबूत करेगी और समाज में संवेदनशीलता बढ़ाएगी। दिल्ली में इसका प्रभावी क्रियान्वयन कई जिंदगियां बचा सकता है।