
राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा के खिलाफ जंग तेज करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज छह आधुनिक कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) का उद्घाटन किया। इसी मौके पर ‘वायु रक्षक’ बेड़े को हरी झंडी दिखाई गई, जिसमें 35 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। ये वाहन शहर के हर कोने में घूमकर हवा की गुणवत्ता जांचेंगे और प्रदूषण पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि ये स्टेशन पीएम2.5 व पीएम10 जैसे खतरनाक कणों पर नजर रखेंगे। साथ ही 100 वायु रक्षक भी तैनात किए गए हैं, जो नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे।
इन नए सिस्टमों से दिल्ली में कुल निगरानी केंद्रों की संख्या 46 हो गई है। इससे प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाना आसान हो जाएगा और समय पर कदम उठाए जा सकेंगे। वाहनों के धुएं से लेकर निर्माण कार्यों तक हर समस्या पर नजर रहेगी।
नए स्टेशन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नेताजी सुभाष टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी वेस्ट कैंपस, अक्षरधाम सीडब्ल्यूजी, दिल्ली कैंट सीडब्ल्यूजी व तालकटोरा गार्डन में लगाए गए हैं। सिरसा ने कहा कि हमारी सरकार सिर्फ बातें नहीं करती, बल्कि जमीन पर समाधान लाती है।
यह कदम दिल्ली की प्रदूषण रणनीति को मजबूत बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विंटर पॉल्यूशन पर लगाम लगेगी और शहरवासियों को साफ हवा मिलेगी। सरकार आगे भी ऐसे प्रयास जारी रखने का वादा कर रही है।