
होली के रंगों से पहले दिल्ली की सियासत में शराब का रंग छा गया है। त्योहार के दिन शराब की दुकानों को खुला रखने के सरकारी फैसले ने आम आदमी पार्टी को भड़का दिया है। देशभर में जहां होली पर शराबबंदी आम है, वहीं राजधानी में इसकी छूट ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी।
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने इसे ‘असली शराबी घोटाले’ की शुरुआत ठहराया। उन्होंने कहा कि पर्व की पवित्रता को ताक पर रखकर सरकार करोड़ों की कमाई के चक्कर में है। सिसोदिया ने सवाल दागा कि क्या ईडी-सीबीआई इसकी जांच करेंगी, जबकि पहले आप की शराब नीति पर खूब हंगामा मचाया गया था।
दिल्ली आप प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि खुद को हिंदूवादी बताने वाली भाजपा होली जैसे पावन पर्व पर शराब बिक्री की इजाजत दे रही है। छठ और रविदास जयंती पर भी ऐसा ही हुआ। भारद्वाज ने चिंता जताई कि इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
उन्होंने सरकार से अपील की कि सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दें। भाजपा की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया। होली से ठीक पहले यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति को गरमा रहा है, जो आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।