
नई दिल्ली में महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राज्य के लिए तत्काल वित्तीय सहायता का अनुरोध किया। हाल की प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य की आर्थिक चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी तबाही मचाने वाली बाढ़ और भूस्खलन ने सड़कों, पुलों और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार पर पुनर्निर्माण का बोझ बढ़ गया है, जबकि राजस्व संग्रह में कमी आई है। उन्होंने विशेष सहायता पैकेज, कर हस्तांतरण में वृद्धि और उधारी सीमा में छूट की मांग की।
वित्त मंत्री ने राज्य की स्थिति को समझा और जल्द समीक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्रीय योजनाओं के तहत धनराशि जारी करने के निर्देश दिए। चर्चा में जलविद्युत परियोजनाओं और पर्यटन विकास पर भी जोर दिया गया।
यह मुलाकात केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करने वाली है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए केंद्रीय सहयोग आवश्यक है ताकि विकास कार्य गति पकड़ सकें।
राज्यवासियों को उम्मीद है कि इस पहल से वेतन, पेंशन और कल्याण योजनाओं पर असर पड़ेगा। आने वाले बजट में हिमाचल को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर, सुक्खू सरकार की यह कूटनीतिक चाल सफल साबित हो सकती है, जो राज्य को आर्थिक संकट से उबारने में कारगर होगी। जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसी पहलें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।