
विश्व कैंसर दिवस पर नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ, जहां स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर जागरूकता, रोकथाम एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम (कैप्स) का उद्घाटन किया। यह पहल राजधानी में कैंसर की शुरुआती पहचान, रोकथाम और सुलभ उपचार सेवाओं को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी, चिकित्सक, नर्सें और अन्य स्टाफ उपस्थित थे। डॉ. सिंह ने कहा कि कैंसर के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए समयबद्ध जांच और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। दिल्ली की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं के कारण आसपास के राज्यों से मरीज आते हैं, जिससे मामले अधिक दर्ज होते हैं, लेकिन विलंबित जांच से खतरा बढ़ जाता है।
सरकार समुदाय आधारित दृष्टिकोण अपना रही है, विशेषकर महिलाओं के लिए नियमित स्क्रीनिंग को आसान बनाने पर जोर। अत्याधुनिक मोबाइल वैन मैमोग्राफी और एचपीवी डीएनए जांच से लैस होंगी, जो प्रमुख स्थानों और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात होंगी। इससे लोग दैनिक जीवन प्रभावित किए बिना जांच करा सकेंगे।
आयोजन में स्व-जांच किट भी जारी की गई, जिससे महिलाएं घर पर वेजाइनल स्वाब संग्रह कर एचपीवी डीएनए टेस्ट करा सकें। आरटी-पीसीआर से परिणाम एक सप्ताह में मिलेंगे, उसके बाद सलाह और उपचार की व्यवस्था। मैमोग्राफी की तत्काल रिपोर्टिंग और फॉलो-अप सुनिश्चित।
कार्यक्रम में कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक जांच, तंबाकू विरोधी अभियान और सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में रोकथाम, जांच और त्वरित उपचार की रणनीति पर कार्य हो रहा है। ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओरल कैंसर पर विशेष ध्यान, स्क्रीनिंग कैंप और उन्नत सुविधाओं के साथ।
डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूकता से देर से आने वाले मरीजों की समस्या हल होगी। जल्द वैक्सीनेशन और मोबाइल वैन सेवाएं शुरू होंगी। सरकार की प्रतिबद्धता गुणवत्तापूर्ण, सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की है।