
नई दिल्ली। अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने निचली अदालत द्वारा दी गई अंतरिम जमानत पर सवाल उठाए हैं।
ईडी ने कोर्ट में दलील दी कि जमानत का आधार बनी सिद्दीकी की पत्नी की बीमारी मात्र बहाना है। एजेंसी का कहना है कि यह फैसला न केवल तथ्यों के विपरीत है बल्कि पीएमएलए की धाराओं का भी उल्लंघन करता है। जमानत के लिए अनिवार्य शर्तें पूरी नहीं हुईं।
अदालत ने ईडी की याचिका पर संज्ञान लेते हुए सिद्दीकी से विस्तृत जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है। इस दौरान कोर्ट जमानत रद्द करने पर फैसला ले सकता है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों की जांच में फंसी हुई है। एनआईए द्वारा खोजे गए डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल के बाद विवाद बढ़ गया। यूनिवर्सिटी से जुड़े एक डॉक्टर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास कार विस्फोट का आरोप है।
यह केस मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण बन सकता है। ईडी की दृढ़ता से जांच तेज हो रही है और यूनिवर्सिटी की छवि पर असर पड़ रहा है।