
दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी के आरोपी मोहम्मद उबैदुल्लाह की जमानत रद्द कर दी है। यह फैसला पुलिस की याचिका पर आया, जिसमें निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।
तुर्कमान गेट के फैज-ए-इलाही मस्जिद इलाके में अतिक्रमण हटाने की मुहिम के दौरान रात करीब 12:40 बजे 30-35 लोगों का झुंड जमा हो गया। उन्होंने भड़काऊ नारे लगाए, पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पथराव शुरू कर दिया। कई पुलिसकर्मी घायल हुए, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
एफआईआर के अनुसार, इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को उकसाया। मोहम्मद उबैदुल्लाह (23), मोहम्मद नावेद (44) और मोहम्मद फैज (20) को गिरफ्तार किया गया। निचली अदालत ने उबैदुल्लाह को जमानत दी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे पक्षपातपूर्ण पाया।
कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने पुलिस के तर्कों पर विचार नहीं किया, सिर्फ रिकॉर्ड कर लिया। अब उबैदुल्लाह को सरेंडर करना होगा। यह मामला दिल्ली के पुराने इलाकों में अतिक्रमण और हिंसा की बढ़ती समस्या को उजागर करता है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। कानूनी विशेषज्ञ इसे भविष्य के मामलों के लिए मिसाल मान रहे हैं।