
दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें उत्तर भारत का पहला सरकारी 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर, नई न्यूरो कैथ लैब और 16 बेड वाला आधुनिक न्यूरो आईसीयू शामिल है।
लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह सीटी स्कैनर स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक से लैस है, जो कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की कुछ ही सेकंड में सटीक जांच संभव बनाता है। कम रेडिएशन के साथ यह मरीजों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सुविधाएं दिल्लीवासियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के मरीजों को भी उच्च स्तरीय इलाज प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने दिल्ली को वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के संकल्प को दोहराया।
9 करोड़ रुपये से बनी न्यूरो कैथ लैब फिलिप्स की मोनोप्लेन तकनीक पर आधारित है, जो एन्यूरिज्म, ब्रेन ट्यूमर और स्ट्रोक के त्वरित उपचार में सहायक होगी। इससे प्रतिवर्ष 1200 से अधिक मरीज लाभान्वित होंगे।
2 करोड़ की लागत से विकसित न्यूरो आईसीयू 24×7 निगरानी और विशेष देखभाल प्रदान करेगा, जिससे गंभीर न्यूरो मरीजों की जान बचाने में आसानी होगी।
डॉ. सिंह ने इसे दिल्ली स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती बताया, कहा कि अब न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में देरी नहीं होगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य विजन को साकार करता है, जिससे दिल्ली स्वास्थ्य हब के रूप में उभरेगी।