
नई दिल्ली। दिल्ली के धौला कुआं इलाके में हुए बीएमडब्ल्यू हादसे के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पाटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया है और आरोपी गगनप्रीत कौर को 2 फरवरी को पेश होने का समन जारी कर दिया है।
यह हादसा 14 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। गुरुग्राम की रहने वाली गगनप्रीत मक्कड़ अपनी तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार चला रही थीं, जो रिंग रोड पर 50 किमी/घंटा की स्पीड लिमिट होने के बावजूद 100-110 किमी/घंटा की रफ्तार से जा रही थी। अचानक कार मेट्रो पिलर से टकराई, पलटी खाई और वित्त मंत्रालय के उपसचिव नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से जा धड़क गई। नवजोत और उनकी पत्नी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। नवजोत की बाद में वेंकटेश्वरा अस्पताल में मौत हो गई।
दिल्ली पुलिस ने 400 पेज का आरोप पत्र दायर किया है, जिसमें खुलासा किया गया है कि हादसे के बाद नवजोत कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे। समय पर इलाज मिला होता तो उनकी जान बच सकती थी। लेकिन गगनप्रीत ने जानबूझकर उन्हें नजदीकी अस्पताल न ले जाकर 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के नुलाइफ हॉस्पिटल ले गईं, जहां पहुंचने में 23 मिनट लग गए। दिल्ली कैंट हॉस्पिटल और एम्स ट्रॉमा सेंटर जैसे बड़े अस्पताल महज 10-15 मिनट की दूरी पर थे।
कोर्ट ने आरोप पत्र से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होने की बात कही है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 281/125बी और 238ए के तहत मुकदमा दर्ज है। यह मामला दिल्ली की सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही की खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर करता है। नवजोत के परिवार को न्याय की उम्मीद है।
