
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को भूखमुक्त बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नए खाद्य सुरक्षा नियमों को मंजूरी दी है। ‘कोई भूखा न रहे’ के इस नारे को साकार करने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का कोई भी नागरिक भूखा न सोए। नए नियमों के तहत राशन कार्ड धारकों को गेहूं, चावल के अलावा दालें, बाजरा और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज मिलेंगे।
विशेष रूप से कमजोर वर्गों जैसे बुजुर्गों, एकल अभिभावक परिवारों और प्रवासी मजदूरों के लिए डोरस्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की गई है। डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
दिल्ली के सभी 272 वार्डों में यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। पहले चरण में बाहरी जिलों पर फोकस रहेगा जहां कुपोषण की समस्या अधिक है। 50 लाख से ज्यादा लाभार्थी इससे जुड़ेंगे।
विपक्ष ने भी योजना का स्वागत किया है, लेकिन पारदर्शिता पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनेगी।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की चेतावनी दी। हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत निवारण तुरंत होगा। सर्दी के मौसम में यह योजना लाखों परिवारों के लिए वरदान साबित होगी।