
नई दिल्ली में मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का शुभारंभ किया। 2008 की लाडली योजना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा की गारंटी देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मकसद है कि दिल्ली की कोई भी बेटी आर्थिक तंगी से पढ़ाई न छोड़े। सरकार प्रत्येक लाभार्थी को 56,000 रुपये तक की सहायता देगी, जो जन्म से स्नातक तक की किस्तों में जमा होगी। राशि मैच्योर होने पर सीधे आधार लिंक्ड खाते में आएगी।
पात्रता में बदलाव आया है। दिल्ली में जन्मीं वे लड़कियां जिनके परिवार तीन साल से शहर में हैं और सालाना आय 1.20 लाख से कम है। प्रति परिवार दो बेटियों तक सीमा। पंजीकरण जन्म के एक साल में, कक्षा 1, 6, 9, 11 या डिग्री कोर्स शुरू करने पर।
गुप्ता ने इसे अपने दिल की योजना बताया, जो दिल्ली की हर बेटी को सशक्त बनाने का वादा है। यह निवेश बेटियों के भविष्य और देश के कल में है। योजना से लड़कियों की साक्षरता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, गरीबी के चक्र टूटेंगे।