
नई दिल्ली के भारत मंडपम में मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा ने आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बनाया। इस पावन अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिरकत की और विश्व शांति केंद्र मिशन के लिए अपने एक माह के वेतन को समर्पित करने की घोषणा कर दी। यह कदम शांति और सद्भाव की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरारी बापू की रामकथा सेवा, दया और राष्ट्र के नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। यह आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा लोगों को नैतिक जीवन की प्रेरणा देता है।
जैन आचार्य लोकेश मुनि के प्रेरक मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए गुप्ता ने अहिंसा विश्व भारती के निरंतर प्रयासों की सराहना की। इन कार्यों से सांस्कृतिक जागरण, अहिंसा और विश्व शांति के संकल्प को मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुख्यमंत्री के दान को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। मोरारी बापू ने सनातन धर्म की शाश्वतता पर जोर दिया, आचार्य लोकेश मुनि को व्यासपीठ पर आमंत्रित किया तथा यमुना सफाई के संकल्प की प्रशंसा की।
यह आयोजन आध्यात्मिकता और नेतृत्व के संगम का प्रतीक है, जो शांति, पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।