
नई दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सर्वोदय विद्यालय मानसरोवर गार्डन के नए भवन, 100 आधुनिक आईसीटी लैब्स तथा दिलशाद गार्डन स्थित डीआईईटी का उद्घाटन किया। यह आयोजन दिल्ली सरकार की शिक्षा क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सूद ने कहा कि राजनीति में बदलाव का दावा अखबारों के विज्ञापनों से नहीं, बल्कि कक्षाओं की मजबूत छतों और लैब्स से मापा जाता है। सीएम गुप्ता की दृढ़ इच्छाशक्ति से सरकारी संसाधन अब विज्ञापनों के बजाय स्कूल भवनों, स्मार्ट क्लासरूम्स पर खर्च हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा निदेशालय, लाडली फाउंडेशन और एआईएफ का धन्यवाद किया।
आज के प्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर ज्ञान अनिवार्य है, किंतु कई बच्चों के घरों में यह सुविधा नहीं। हालिया स्कूल दौरों में केवल थोड़े से बच्चों ने घर पर कंप्यूटर होने की बात कही। पुरानी शिक्षा नीति के ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड से लेकर आज स्मार्ट बोर्ड्स तक का सफर उल्लेखनीय है।
दिल्ली सरकार ने एक वर्ष से कम समय में 7000 से अधिक कंप्यूटर वितरित किए। 7000 स्मार्ट बोर्ड्स के लिए टेंडर पूर्ण, 9वीं से 12वीं तक 21000 कक्षाओं में चार वर्षों में स्थापना होगी। 175 आईसीटी लैब्स में 7000 कंप्यूटर 31 मार्च तक पहुंचेंगे।
पूर्व सरकारों की नाकाम लैब्स—एक सीपीयू पर 10 मॉनिटर—का जिक्र करते हुए सूद ने नई व्यवस्था की सराहना की जहां प्रत्येक डेस्क पर अलग कंप्यूटर है। लाडली फाउंडेशन ने 100 लैब्स में 2000 कंप्यूटर दिए, 75 में 1500 और देने का वचन दिया। तीन वर्षों में सभी सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब होगी।
इस वर्ष 100 से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित हो रही हैं। एआई समिट में दिल्ली का 600 वर्गफुट स्टॉल लगेगा। ‘गिव बैक’ अभियान शुरू कर अभिभावकों से योगदान की अपील की। सरकार समाज के साथ मिलकर शिक्षा की खाई पाट रही है। अंत में सभी का आभार जताते हुए कहा कि दिल्ली में शिक्षा परिवर्तन तेजी से आगे बढ़ेगा।