
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ की शुरुआत की। यह 2008 की लाडली योजना का आधुनिक संस्करण है, जो शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
इस योजना का लक्ष्य है कि दिल्ली की कोई बेटी आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई न छोड़े। जन्म से लेकर स्नातक तक चरणबद्ध तरीके से अधिकतम 56,000 रुपये की सहायता आधारित बैंक खाते में जमा होगी। निवेश से यह राशि परिपक्वता पर 1 लाख रुपये से अधिक हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह योजना मेरे दिल के करीब है। हमारी बेटियों का भविष्य हमारा भविष्य है।’ कार्यभार संभालने पर पता चला कि 1.86 लाख परिपक्व खाते दावे रहित पड़े थे।
सरकार ने त्वरित कदम उठाए। 2025 में 30,000 बेटियों को 90 करोड़ रुपये दिए गए। अब 41,000 अन्य को 100 करोड़ रुपये मिलेंगे, कुल 190 करोड़ का वितरण सुनिश्चित।
‘लखपति बिटिया योजना’ नाम से यह पहल बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का वादा करती है। दिल्ली सरकार हर बेटी के अधिकारों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है।