
सिख गुरु से जुड़े विवादास्पद मामले में दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा ने पंजाब पुलिस को नोटिस जारी कर रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर स्पष्टीकरण मांगा है।
यह मामला सिख धर्म के संस्थापकों से संबंधित ऐतिहासिक दावों पर केंद्रित है, जहां फॉरेंसिक जांच को अंतिम सत्य का आधार माना गया था। लेकिन दिल्ली के विधायकों ने रिपोर्ट में कई खामियां बताईं, जैसे नमूने संग्रहण की अनियमितताएं और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी।
सभापति के नेतृत्व में हुई बहस में सभी दलों ने एकमत होकर कहा कि ऐसी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। नोटिस में 15 दिनों के अंदर कच्चा डेटा, विशेषज्ञ बयान और तीसरे पक्ष की पुष्टि मांगी गई है।
सिख समुदाय के नेताओं ने दिल्ली के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए यह जरूरी था। पंजाब सरकार ने रिपोर्ट का बचाव किया, लेकिन अब जवाब देना होगा।
दिल्ली-पंजाब के बीच तनाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वतंत्र जांच ही विवाद सुलझा सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा स्पष्ट होगी।