
नई दिल्ली। वर्ष 2025 दिल्ली के लिए वायु प्रदूषण के खिलाफ ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि इस साल दिल्ली की हवा गुणवत्ता पिछले आठ वर्षों में सबसे बेहतर रही। पूरे वर्ष का औसत पीएम2.5 स्तर 96 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम10 स्तर 197 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो 2024 के आंकड़ों (पीएम2.5: 104, पीएम10: 212) से उल्लेखनीय रूप से कम है। यह दिल्ली वायु प्रदूषण सुधार में मील का पत्थर है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में साफ हवा अभियान को प्राथमिकता दी गई। वैज्ञानिक तरीकों और जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई से यह उपलब्धि हासिल हुई। इस वर्ष 200 दिन ऐसे रहे जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 से नीचे रहा, जो पिछले वर्षों से 15 प्रतिशत बेहतर है। AQI 100 से नीचे के दिन 79 थे, जबकि गंभीर प्रदूषण (AQI 400+) वाले दिन मात्र 8 रहे, जो अब तक का सबसे कम है। जनवरी से नवंबर तक औसत AQI 187 रहा, जो 2018 के बाद का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है (कोविड वर्ष 2020 को छोड़कर)।
दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बहुआयामी कदम उठाए। धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर 405 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गईं। निर्माण स्थलों पर कड़े नियम लागू कर पानी छिड़काव बढ़ाया गया। वाहन प्रदूषण पर ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नीति से लाखों वाहनों पर चालान काटे गए। 1 अक्टूबर 2025 से अब तक 12 लाख से ज्यादा प्रदूषक वाहनों पर जुर्माना लगाया गया, जिसमें पिछले 24 घंटों में 12,364 चालान शामिल हैं। उद्योगों में जीरो टॉलरेंस अपनाते हुए प्रदूषणकारी इकाइयों को सील किया गया। कचरा प्रबंधन में प्रतिदिन 35 मीट्रिक टन पुराने कचरे की बायो-माइनिंग की गई, जिससे लैंडफिल साइट्स पर कूड़े के ढेर कम हुए।
नए इनोवेशन चैलेंज और ग्रीन दिल्ली ऐप के माध्यम से आम जनता की भागीदारी बढ़ाई गई। मंत्री ने जोर देकर कहा कि साफ हवा हर दिल्लीवासी का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। दिल्लीवासियों ने इस प्रगति की सराहना की है और आशा जताई है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के ये प्रयास लंबे समय तक जारी रहें। दिल्ली हवा गुणवत्ता में यह सुधार पूरे देश के लिए प्रेरणा है।