
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की कथित नस्लीय हमले में हुई मौत से जुड़ा मामला गर्माता जा रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पीड़ित छात्र के पिता से फोन पर बात की और उन्हें सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस घटना के बाद त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नेपाल में एक टीम भेजी है।
यह घटना देहरादून में हुई, जहां एक आदिवासी चक्मा छात्र, एंजल चक्मा की हत्या के बाद से प्रदेश में तनाव का माहौल है। मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का वादा किया है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, यह स्पष्ट कर दिया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और देश के बाहर भी सुरागों की तलाश में जुटी हुई है।
इस बीच, बांग्लादेश से भी जुड़ी खबरें चिंताजनक हैं। ढाका पुलिस द्वारा यह झूठा आरोप लगाए जाने के बाद कि हादी के हत्यारे भारत में छिपे हैं, इंकिलाब मंच ने भारत से काम के परमिट वाले सभी भारतीयों को निर्वासित करने की मांग की है। इतना ही नहीं, कॉक्स बाजार और चिट्टागांग में हजारों जिहादियों ने भारतीय इलाकों पर हमला किया और हिंदू मंदिरों में मूर्तियों को आग के हवाले कर दिया। यह घटना भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल मची हुई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को लेकर महाराष्ट्र के दोनों प्रमुख गठबंधन, अघाड़ी और महायुति में दरारें देखी जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने बीएमसी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जिससे चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
