
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में दारसू-7 पुल का उद्घाटन एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ है। यह पुल न केवल भौगोलिक दूरी को पाटेगा, बल्कि विकास की नई गति भी प्रदान करेगा। स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जितेंद्र सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनकी लंबी प्रतीक्षा का फल है।
कठिन भूभाग में बने इस पुल ने दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ दिया है। पहले बाढ़ और दुर्गम रास्तों से परेशान ग्रामीण अब आसानी से आवागमन कर सकेंगे। व्यापारियों का कहना है कि इससे माल ढुलाई का खर्च कम होगा और बाजार तक पहुंच तेज होगी।
इंजीनियरिंग की दृष्टि से यह पुल भूकंपरोधी और मौसम प्रतिरोधी है। सेना के लिए रसद सुविधा में भी सुधार होगा। जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने इसकी गति बढ़ाई। उद्घाटन समारोह में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने नेताओं का गुणगान किया।
कृषि, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र में क्रांति की उम्मीद है। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाभान्वित होंगी। उधमपुर अब विकास के मानचित्र पर चमकेगा, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ की मिसाल बनेगा। यह पुल केवल संरचना नहीं, बल्कि आशा का प्रतीक है।