
दमोह जिले में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई इस सभा में दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों ने गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। पालक, दालें जैसे आयरन युक्त भोजन और हरी सब्जियों से फोलिक एसिड की पूर्ति पर जोर दिया गया। योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को 5000 रुपये की आर्थिक सहायता किस्तों में प्रदान की जाती है, जो पोषण और विश्राम सुनिश्चित करती है।
कार्यक्रम में जटिलताओं के लक्षण, नियमित जांच और प्रसवोत्तर देखभाल पर प्रकाश डाला गया। प्रश्नोत्तर सत्र में महिलाओं ने सुबह की उल्टी से निपटने और डिलीवरी की तैयारी जैसे मुद्दे उठाए। आशा कार्यकर्ताओं ने सूचनात्मक पुस्तिकाएं और पंजीकरण फॉर्म वितरित किए।
जिला कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को ज्ञान प्रदान करना स्वस्थ भविष्य की कुंजी है। ब्लॉकों में इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे, जिससे वर्षांत तक 80 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
2017 से शुरू पीएमएमवीवाई ने देशभर में 15,000 करोड़ से अधिक वितरित किए हैं। दमोह में इस तिमाही पंजीकरण 25 प्रतिशत बढ़ा है, जो सरकारी योजनाओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।