
ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद मचे हाहाकार के बीच सीपीआई के राज्यसभा सांसद संतोष कुमार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर भारतीयों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। लगभग दस हजार भारतीय नागरिकों के जीवन पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए उन्होंने निकासी योजना की जानकारी मांगी है।
शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों पर मिसाइलें दागीं, जिसका जवाब ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों से दिया। ऐसे में ईरान में रहने वाले भारतीयों की चिंता बढ़ गई है।
पत्र में संतोष कुमार ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमलों से उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। इन दस हजार भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आपातकालीन योजना, वास्तविक समय की सलाह, दूतावास समन्वय और आवश्यकता पड़ने पर निकासी तंत्र की मांग की है।
भारत में उनके परिजन बेहद चिंतित हैं। सरकार इन नागरिकों की रक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है, इसकी जानकारी दें। साथ ही, भारत के ईरान में अरबों डॉलर के निवेश और ऊर्जा सुरक्षा में उसकी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि अस्थिरता से हित प्रभावित होंगे, लेकिन मानवीय जीवन पहले।
मंत्रालय से अपील की कि नागरिकों की सुरक्षा अपनी जिम्मेदारी माने और कूटनीतिक प्रयास तेज करे। भारत ने इजरायल, ईरान, कतर, यूएई आदि में भारतीयों के लिए सतर्कता भरी सलाह जारी की है। दूतावास 24×7 सहायता का भरोसा दे रहे हैं। यह पत्र सरकार को हरकत में लाने का प्रयास है।