
नई दिल्ली। भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपनी राय सुरक्षित रख ली और दोपहर 12:30 बजे फैसला सुनाने का ऐलान किया। अदालत परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात थे।
दिल्ली पुलिस ने चिब की सात दिनों की कस्टडी की मांग की। पुलिस का दावा है कि चिब ने विरोध प्रदर्शन में साजिश रची और दूसरे राज्यों से आए लोगों को मदद दी। जांच के लिए उन्हें अलग-अलग जगह ले जाना जरूरी बताया गया।
पुलिस वकील ने कहा कि चिब प्रदर्शन की निगरानी कर रहे थे। मंडपम पहुंचे लोग उनके इशारे पर गए और लगातार संपर्क में रहे। विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भारत की छवि खराब करने की कोशिश हुई, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
चिब के वकील ने कस्टडी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुवक्किल ने हमेशा सहयोग किया। टी-शर्ट बरामदगी पर कस्टडी मांगना हास्य का विषय है। प्रदर्शनकारी निहत्थे थे, पहले ही टी-शर्ट जब्त हो चुके हैं।
सुबह हिरासत में लेने के बाद पूछताछ और गिरफ्तारी हुई। यह मामला राजनीतिक तनाव को उजागर करता है। दोपहर का फैसला युवा नेतृत्व पर असर डाल सकता है।