
मुंबई की फैमिली कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उद्योगपति संजय कपूर के तलाक के लंबे विवाद में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने तलाक दस्तावेजों से जुड़ी याचिका पर करिश्मा को नोटिस जारी कर दिया। यह मामला संपत्ति बंटवारे और भरण-पोषण जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
संजय कपूर की ओर से दायर याचिका में दस्तावेजों में विसंगतियों का आरोप लगाया गया है। करिश्मा, जो ‘राजा हिंदुस्तानी’ और ‘दिल तो पागल है’ जैसी फिल्मों से प्रसिद्ध हैं, को निर्दिष्ट समय के भीतर जवाब देने या पेश होने का आदेश दिया गया। दोनों का विवाह 2003 में धूमधाम से हुआ था, लेकिन 2016 में अलगाव हो गया।
दंपति के दो बच्चे हैं- कीारा और समैरा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हाई-प्रोफाइल तलाकों में ऐसे नोटिस आम हैं। करिश्मा की ओर से जल्द ही जवाब की उम्मीद है। यह विकास बातचीत को नई दिशा दे सकता है। मामले पर नजर बनी हुई है।