
हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर आजकल आम समस्या बन चुकी है। यह चुपचाप दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचाती है। बिना संकेत दिए यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर या नेत्रहीनता जैसी घातक बीमारियों को न्योता देती है। इसका जल्दी पता चलना और नियंत्रण जरूरी है।
योग इस समस्या का प्राकृतिक हल है। नियमित अभ्यास से तनाव घटता है, खून का दौरा बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर स्थिर रहता है। ये आसन हृदय को मजबूत बनाते हैं तथा दवाओं के पूरक के रूप में कारगर साबित होते हैं।
ये सरल आसन सुबह खाली पेट या शाम को करें। गंभीर केस में डॉक्टर से सलाह लें और विशेषज्ञ के सान्निध्य में शुरू करें।
ताड़ासन से शुरुआत करें: पैर सटाकर खड़े होकर हाथ ऊपर जोड़ें, पूरा खिंचाव लें। रक्त प्रवाह बढ़ता है, मुद्रा ठीक होती है, दबाव नियंत्रित रहता है।
कटिचक्रासन में कमर बाएं-दाएं घुमाएं। कमर मजबूत, पाचन ठीक, तनाव दूर।
वज्रासन में घुटनों पर एड़ियां नितंबों तले। पाचन मजबूत, मन शांत।
मार्जरी आसन में बिल्ली-गाय की तरह पीठ ऊपर-नीचे। रीढ़ लचीली, रक्त संचार बेहतर।
गोमुखासन में पैर क्रॉस, हाथ पीछे। कंधे-छाती खुलती, सांस सुधरती।
वक्रासन में बैठकर टॉर्शन। रीढ़ मजबूत, शांति मिलती।
भुजंगासन में छाती ऊपर। फेफड़े मजबूत, तनाव कम।
अंत में मकरासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, नाड़ी शोधन, भ्रामरी। विश्राम, गैस भगाओ, ब्लड प्रेशर संभालो।