
नई दिल्ली। लोकसभा में हालिया विवादों के बीच कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर गहरी नाराजगी जताई है। तमिलनाडु की सांसद एस जोतिमणि के लेटरहेड पर लिखे इस पत्र पर प्रियंका गांधी वाड्रा, आर सुधा, ज्योत्सना चरणदास महंत और वर्षा गायकवाड़ समेत कई नाम हैं।
पत्र में कहा गया कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष को बोलने का मौका जानबूझकर रोका गया। चार दिनों तक राहुल गांधी को बोलने न देने को अभूतपूर्व बताया गया है। इंडिया गठबंधन के आठ सांसद निलंबित कर दिए गए, जबकि भाजपा सांसद को पूर्व प्रधानमंत्रियों पर अभद्र टिप्पणी की छूट मिली।
स्पीकर से मुलाकात में भाजपा सांसद के निलंबन की मांग की गई। उन्होंने गलती स्वीकार की, लेकिन बाद में सरकार के जवाब का हवाला दिया। यह उनकी स्वायत्तता पर सवाल खड़ा करता है। पीएम के पांच बजे भाषण का समय आने पर विरोध हुआ और वह सदन में नहीं आए।
अगले दिन स्पीकर का बयान कांग्रेस महिलाओं पर आरोप लगाने वाला था। सांसदों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था। वे सामान्य पृष्ठभूमि से हैं, कड़ी मेहनत से आगे बढ़ीं। ईमानदारी पर सवाल सरकार की जवाबदेही से बचने की चाल है।
पीएम की अनुपस्थिति डर की वजह से थी, धमकी की नहीं। कांग्रेस शांति और संवैधानिक मूल्यों की पक्षधर है। उन्होंने स्पीकर से निष्पक्षता बरतने और इतिहास में सही जगह बनाने की अपील की। सत्ताधारी दबाव में न झुकें, लोकतंत्र की रक्षा करें।