
महाराष्ट्र की सियासत में उथल-पुथल मच गई है। कांग्रेस ने एनसीपी के दो गुटों द्वारा जारी संयुक्त घोषणापत्र की कड़ी आलोचना की है और महायुति गठबंधन के नगर निगम चुनावों को ‘फिक्स्ड मैच’ करार दिया है। विपक्षी दल का यह बयान आगामी चुनावों से ठीक पहले आया है, जो सत्ताधारी गठबंधन के लिए चुनौती बन सकता है।
अजित पवार और शरद पवार गुटों ने शहरों में बेहतर बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और आवास की योजनाओं वाले संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। लेकिन कांग्रेस ने इसे साजिश बताया। प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा, ‘यह महायुति का सुनियोजित खेल है, जिसमें असली मुकाबला ही नहीं होगा। वोटरों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।’
मुंबई, पुणे, नासिक समेत 27 नगर निगमों में होने वाले इन चुनावों को विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा परीक्षण माना जा रहा है। महायुति में भाजपा, अजित एनसीपी और शिंदे शिवसेना शामिल हैं, जबकि महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस, शरद एनसीपी और उद्धव शिवसेना।
कांग्रेस नेता आरोप लगा रहे हैं कि घोषणापत्र के बहाने गुटबाजी खत्म करने का ढोंग किया जा रहा है। पार्टी ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है, जिसमें महायुति की नाकामियों को उजागर किया जाएगा। दूसरी ओर, एनसीपी नेताओं ने कांग्रेस के बयानों को हताशा का परिणाम बताया।
चुनावी जंग में यह विवाद महायुति की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है। वोटरों का फैसला तय करेगा कि यह एकता सच्ची है या सत्ता की चाल।