
मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का शीर्षक देशभर में विवाद का केंद्र बन गया है। विभिन्न स्थानों पर इसका विरोध हो रहा है और अब कांग्रेस ने भी इसकी कड़ी निंदा की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसे ब्राह्मण समाज व सनातन धर्मावलंबियों के लिए अपमानजनक करार दिया।
आईएएनएस से बातचीत में राय ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था धार्मिक प्रतीकों को निशाना बना रही है। यह केवल फिल्म का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय है। किसी समुदाय को नाम से बदनाम करना गलत संदेश देता है।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने सेंसर बोर्ड से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मनोरंजन का मकसद एकजुट करना है, न कि भावनाओं को ठेस पहुंचाना। पूरे समुदाय को कटघरे में खड़ा करना अस्वीकार्य है।
प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीमा की बात की। कला महत्वपूर्ण है, लेकिन समुदायों की भावनाओं की रक्षा भी जरूरी। निष्पक्ष जांच से संतुलन बना रहेगा।
सांसद प्रमोद तिवारी ने जोर दिया कि लालच व्यक्तिगत दोष है, जाति से नहीं जोड़ना चाहिए। जातिगत टिप्पणियां समाज को बांटती हैं। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि स्वतंत्रता जरूरी, लेकिन भावनाओं का सम्मान भी।
यह विवाद फिल्म उद्योग को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि कला की आड़ में समाज को कैसे नुकसान न पहुंचे।