
नई दिल्ली में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के मनरेगा को ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका सम्मान (ग्रामीण)’ योजना से बदलने के फैसले पर तीखा प्रहार किया है। जवाहर भवन में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के तहत विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता जुटे। संदीप दीक्षित ने कहा कि भाजपा ने महज राजनीतिक लाभ के लिए कानून में बदलाव किया, जिससे मजदूर परेशान हैं। पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन को तेज करेगी।
मजदूरों ने अपनी परियोजनाओं की मिट्टी लाकर एकजुटता दिखाई। इस मिट्टी से पौधा रोपा गया, जो उनकी मेहनत का प्रतीक है। इमरान प्रतापगढ़ी ने यूपीए काल की याद दिलाई, जब मनमोहन, सोनिया व राहुल के नेतृत्व में रोजगार का अधिकार दिया गया। नई योजना से करोड़ों मजदूरों का हक छीना जा रहा है। राहुल गांधी बुद्धिजीवियों से संवाद करेंगे, फिर नेता गांव-गांव जाएंगे।
विक्रांत भूरिया ने बताया कि सामाजिक संगठनों के साथ बड़ा फैसला होगा, इसे जन आंदोलन बनाया जाएगा। अलका लांबा ने तानाशाही पर उतर आई भाजपा की आलोचना की। गांधी का नाम हटाने के साथ रोजगार गारंटी पर हमला है। खड़गे व राहुल के नेतृत्व में पार्टी मनरेगा को बचाएगी। यह आंदोलन ग्रामीण भारत की लड़ाई का रूप लेगा।