
सवाई माधोपुर, राजस्थान। ग्रामीण भारत के जीवन रेखा मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज यहां जोरदार उपवास और धरना शुरू किया। एआईसीसी सचिव एवं विधानसभा उपनेता ने इस संघर्ष में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे आंदोलन को नई गति मिली।
कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने पर तुली है। बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और तकनीकी खामियों से लाखों श्रमिक परेशान हैं। ‘यह गरीबों पर सीधा प्रहार है,’ उपनेता ने कहा।
धरना स्थल पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। एक महिला ने बताया, ‘काम नहीं मिलने से घर का चूल्हा ठंडा पड़ा है।’ श्रमिकों ने बैनर लहराते हुए फौरी भुगतान और 150 दिन का काम देने की मांग की।
पार्टी ने पांच सूत्री मांगें रखीं- बजट तीन गुना करें, 15 दिनों में वेतन दें, आधार लिंकिंग सरल बनाएं। उपवासकर्ता रातभर जागरण करेंगे। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
यह आंदोलन पूरे राजस्थान में फैल सकता है। उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस मजबूत वापसी की कोशिश में है। क्या केंद्र सुनता है या संघर्ष तेज होता है, आने वाले दिन बताएंगे।