
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गंदे पानी से भरी बोतलें हाथ में लेकर उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की।
बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधायक महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। नारों और तख्तियों के साथ उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में जहरीले पानी से कई जिंदगियां छिन गईं, जो बेहद दर्दनाक है।
उन्होंने सरकार को जिम्मेदारी से भागने का दोषी ठहराया। मंत्री का नैतिक इस्तीफा, दोषी अधिकारियों पर सख्ती और全省 में स्वच्छ जल सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सिंघार ने चेतावनी दी कि राज्य भर में मलमिश्रित पानी की समस्या चिंताजनक है। राज्यपाल के भाषण में स्वच्छता के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
‘हर नागरिक को साफ पानी मिलना बुनियादी हक है, न कि महंगा विलास,’ उन्होंने जोर देकर कहा। विधानसभा में चर्चा से बचना लोकतंत्र के खिलाफ है। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी मंत्री के इस्तीफे पर जोर दिया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को न्याय मिले बिना आंदोलन नहीं रुकेगा। यह प्रदर्शन राज्य की शहरी व्यवस्था की पोल खोलता है।