असम चुनाव: खड़गे की रैली में कांग्रेस नेता का इस्तीफा, मची खलबली
असम विधानसभा चुनाव के बीच एक चौंकाने वाली घटना ने कांग्रेस को हिलाकर रख दिया। मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान ही एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने खुलेआम इस्तीफा दे दिया। इस नाटकीय घटना ने पार्टी की...


असम विधानसभा चुनाव के बीच एक चौंकाने वाली घटना ने कांग्रेस को हिलाकर रख दिया। मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान ही एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने खुलेआम इस्तीफा दे दिया। इस नाटकीय घटना ने पार्टी की आंतरिक एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
असम के संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित इस विशाल रैली में हजारों समर्थक जुटे थे। खड़गे केंद्र की मोदी सरकार और हिमंत बिस्वा सरमा की राज्य सरकार पर हमलावर थे। तभी मंच पर वरिष्ठ नेता ने अचानक अपनी बात रखी और घोषणा कर दी, 'मैं पार्टी नेतृत्व की नीतियों से असहमत हूं। मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए।'
भीड़ में सन्नाटा छा गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत नेता को मंच से हटाया। खड़गे ने इसे 'व्यक्तिगत मतभेद' बताकर अपनी बात जारी रखी, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसकी तीखी आलोचना हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह असम कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी का परिणाम है।
यह नेता स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखता था और अल्पसंख्यक वोटों में अच्छा प्रभाव रखता था। टिकट वितरण और गठबंधन रणनीति को लेकर उसकी असहमति लंबे समय से चर्चा में थी। भाजपा ने इसे तुरंत प्रचार सामग्री बना लिया है। 'कांग्रेस में तो इस्तीफे ही चल रहे हैं,' राज्य नेताओं ने कटाक्ष किया।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से हस्तक्षेप बढ़ने से स्थानीय नेता नाराज चल रहे थे। 2021 के चुनावी हार के बाद असम कांग्रेस लगातार कमजोर होती गई है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या खड़गे इस संकट को संभाल पाएंगे?
चुनाव नजदीक आते ही यह घटना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। भाजपा की मजबूत संगठनात्मक संरचना के सामने विपक्ष को एकजुट दिखाने की जरूरत थी। अब पार्टी को नुकसान नियंत्रण में जुटना होगा। आने वाले दिनों में और नेताओं के बगावत की आशंका भी जताई जा रही है। असम में कांग्रेस का भविष्य इस संकट से तय होगा।

