
असम में राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने राज्य भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह शिकायत हालिया चुनावों में कथित धांधली को उजागर करती है, जो लोकतंत्र की जड़ों को हिला सकती है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, भाजपा प्रमुख ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी कराने और वोटर लिस्ट में हेरफेर का षड्यंत्र रचा। कई बूथों पर मतदान के बाद संदिग्ध गतिविधियां कैद हुईं, जिनमें वोटों की संख्या में असामान्य वृद्धि देखी गई। ‘यह जनादेश की चोरी है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे,’ ने कहा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में।
शिकायत में मांग की गई है कि आरोपी को अर्हतापूर्ण जांच के दायरे में लाया जाए और सभी संदिग्ध ईवीएम का फोरेंसिक परीक्षण हो। पार्टी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शनों के जरिए जन जागरण अभियान चला रहे हैं।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे हार के बाद का बहाना बताया। ‘कांग्रेस हमेशा हार-जीत के बाद शिकायत करती है,’ ने जवाब दिया राज्य अध्यक्ष ने। चुनाव आयोग अब इस मामले की जांच करेगा।
असम की यह जंग न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित करेगी, बल्कि पूरे देश में चुनावी पारदर्शिता पर बहस छेड़ सकती है। आने वाले दिनों में जांच का परिणाम सभी की निगाहों पर होगा।