
नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान ने सोमवार को पंजाब इकाई में व्याप्त गुटबाजी और अनुशासनहीनता पर करारा प्रहार किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा विपक्ष नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी के साथ पंजाब के प्रमुख नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित अन्य शामिल हुए।
लगभग तीन घंटे चली इस बैठक में सभी नेताओं ने अपने विचार रखे और पार्टी को मजबूत बनाने पर जोर दिया। पत्रकारों से बातचीत में वेणुगोपाल ने कहा कि आंतरिक मुद्दों को मीडिया या सोशल मीडिया पर उछालने की सख्त मनाही है। सभी मामले केवल पार्टी मंचों पर ही चर्चा के योग्य हैं।
पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। करीब 30 नेताओं द्वारा हाईकमान से मिलने की मांग पर वेणुगोपाल ने व्यक्तिगत मुलाकातों को स्वीकारा लेकिन गुटबाजी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। खड़गे व राहुल गांधी का पंजाब दौरा तय है, जहां नेता उनसे मिल सकेंगे।
दलितों व हाशिए के वर्गों के प्रतिनिधित्व पर पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वेणुगोपाल ने एससी, एसटी, ओबीसी व आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उचित स्थान देने का वादा किया। उन्होंने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा, ‘कांग्रेस एक है, हम सब साथ हैं। पंजाब चुनाव एकजुट होकर लड़ेंगे और जीतेंगे।’
भूपेश बघेल ने पंजाब में कांग्रेस सरकार के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामूहिक नेतृत्व में खड़गे-गांधी को आगे रखकर चुनाव लड़ेंगे, गुटबाजी या बगावत बर्दाश्त नहीं होगी। यह कदम पंजाब कांग्रेस को चुनावी जंग के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
