
हैदराबाद। तेलंगाना के निकाय चुनावों में मंगलवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। पार्टी ने सात और नगरपालिकाओं पर कब्जा कर लिया, जबकि विपक्षी बीआरएस को केवल एक शहरी निकाय में सफलता मिली। तीन नगरपालिकाओं में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव कोरम न पूरी होने और कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों के कारण स्थगित कर दिए गए। सोमवार को भी हिंसा और अन्य कारणों से मतदान नहीं हो सका था। विपक्ष ने कांग्रेस पर गुंडागर्दी और लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया।
अविभाजित वारंगल जिले की जनगांव व थोरूर में वोट बराबर होने पर लॉटरी से कांग्रेस के पक्ष में फैसला हुआ। येल्लंदु, सुल्तानाबाद, डोर्नाकल व जहीराबाद में कांग्रेस की आसान जीत। भाजपा समर्थन से कागजनगर पर कब्जा। बीआरएस ने इंदेरेशम जीता।
इब्राहिमपट्टनम में बीआरएस अध्यक्ष चुने गए, लेकिन हाईकोर्ट की रोक से प्रक्रिया रुकी। थोरूर की 16 सदस्यीय नगरपालिका में बीआरएस के 9 व कांग्रेस के 7 सदस्य। विधायक यशस्विनी रेड्डी व सांसद काव्या के वोट से कांग्रेस 9 पर पहुंची। लॉटरी में श्रवण अध्यक्ष बने। पूर्व मंत्री दयाकर राव ने पदेन वोटों का विरोध किया।
जनगांव की 30 सदस्यीय में बीआरएस को 13 वार्ड, 2 निर्दलीय व विधायक वोट से 16। कांग्रेस को 12 वार्ड, सीपीआई 1, 2 निर्दलीय व सांसद वोट से 16। लॉटरी से बलमणि अध्यक्ष, बीआरएस समर्थित निर्दलीय उपाध्यक्ष बने।
कांग्रेस का कुल 91 नगरपालिकाओं पर कब्जा। 116 में से 66 में स्पष्ट बहुमत, 25 में गठबंधन से। बीआरएस 18, भाजपा 1, निर्दलीय 3। सात नगर निगमों में कांग्रेस ने चार में मेयर-डिप्टी दोनों जीते। कोठागुडेम में सीपीआई मेयर, कांग्रेस डिप्टी। निजामाबाद में कांग्रेस मेयर, एआईएमआईएम डिप्टी। भाजपा ने करीमनगर लिया। इन नतीजों से कांग्रेस की स्थानीय स्तर पर स्थिति मजबूत हुई है।