
महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल मचाने वाला कांग्रेस का बड़ा आरोप सामने आया है। पार्टी ने महायुति गठबंधन पर नगर निगम चुनावों में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान कराकर जीत हासिल करने का इल्जाम लगाया है। पुणे, नागपुर, नासिक समेत कई प्रमुख शहरों में महायुति की साफ-सुथरी जीत को कांग्रेस ने अवैध ठहराते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का अपमान है।
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने सबूत पेश किए। उन्होंने मतदाता सूची में मृतकों के नाम, असामान्य रूप से ऊंची वोटिंग प्रतिशत और बूथ कैप्चरिंग के वीडियो दिखाए। ‘यह जीत जनादेश नहीं, बल्कि साजिश का नतीजा है,’ पटोले ने कड़ा रुख अपनाया। पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग से रिकाउंट और ईवीएम की जांच की मांग की है।
महायुति में बीजेपी, शिंदे शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं, जिन्होंने बीएमसी से लेकर अन्य निगमों में कमाल कर दिखाया। कांग्रेस का कहना है कि उनके मजबूत प्रचार अभियान के बावजूद हार फर्जीवाड़े की वजह से हुई। नासिक में देर रात तक मतपेटियों में हेरफेर के आरोप लगे हैं।
विपक्षी दल सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर होंगी। महायुति नेताओं ने इसे हार स्वीकार न करने का बहाना बताया। उन्होंने विकास कार्यों को जनता का समर्थन बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय निकाय चुनाव हजारों करोड़ के फंड का नियंत्रण देते हैं। इस घोटाले के खुलासे से महाराष्ट्र की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। निर्वाचन आयोग की भूमिका भी परखी जा रही। क्या न्याय मिलेगा या राजनीतिक ड्रामा चलेगा, यह वक्त बताएगा।