
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने全省 के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे संविधान निर्माण का महापर्व बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान सुलेखकों और राज्य आंदोलन के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन पर्व हमें आजादी के दीवानों के स्वप्न साकार करने और संवैधानिक लक्ष्यों से डटकर जुड़े रहने की सीख देता है। संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व जैसे मूल सिद्धांतों का पालन हमारा परम कर्तव्य है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत संकल्प को पूरा करने और देवभूमि को नंबर वन राज्य बनाने हेतु सरकार कटिबद्ध है। पीएम का 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताना全省 में नई उमंग भर गया है।
जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ से लाखों लाभान्वित हुए। समान नागरिक संहिता से देश को दिशा मिली। चारधाम यात्रा का बेहतर संचालन, शीतकालीन यात्रा व मानसखंड मंदिर माला से धार्मिक पर्यटन फलीभूत हो रहा है।
उद्योग नीतियां रोजगारोन्मुख, निवेश आकर्षक। नीति आयोग ने निर्यात प्रयासों की प्रशंसा कर छोटे राज्यों में पहला स्थान दिलाया। चार वर्षों में 27 हजार भर्तियां, रिक्तियां भरने की प्रक्रिया जारी।
सख्त नकलरोधी कानून, धर्मांतरण रोक, 10 हजार हेक्टेयर भूमि मुक्ति, भ्रष्टाचार पर प्रहार व भूमि कानून सुधार से राज्यहित सुरक्षित। महिलाओं को 30% आरक्षण। सरलीकरण-समाधान पर चलकर विकसित उत्तराखंड के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ में योगदान का आह्वान।