
आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने आंध्र प्रदेश ज्यूडिशियल एकेडमी की नींव रखी। इस दौरान उन्होंने हाई कोर्ट जजों के रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया और जज गेस्ट हाउस का शिलान्यास भी किया।
ये परियोजनाएं न्यायिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 165 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एकेडमी में 2.05 लाख वर्ग फुट क्षेत्र होगा, जो हर बैच में 120 प्रशिक्षु जजों के लिए अकादमिक ब्लॉक, हॉस्टल, इनडोर स्पोर्ट्स और अन्य सुविधाएं प्रदान करेगी।
पिचुकलापलेम में बना रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स 33.20 एकड़ में 210 करोड़ रुपये से विकसित हुआ है। इसमें 36 जजों के लिए जी+1 मॉडल के 7,841 वर्ग फुट के आधुनिक आवास हैं, जिनमें ऑफिस रूम, वेटिंग हॉल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। भविष्य के लिए 13 अतिरिक्त बंगलों की जमीन भी आरक्षित है।
अमरावती में जज गेस्ट हाउस 6,300 वर्ग फुट में 69.40 करोड़ रुपये से बनेगा, जिसमें ग्राउंड प्लस तीन मंजिलें होंगी। 20 प्रतिशत भूमि निर्माण और 80 प्रतिशत हरियाली के लिए उपयोग होगी। यह हाई कोर्ट से मात्र 1.2 किमी दूर है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, हाई कोर्ट के सीजेआई जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और सुप्रीम कोर्ट के कई जज उपस्थित थे। इससे पहले तिरुपति में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास करते हुए सीजेआई ने कहा कि बार और बेंच एक ही संस्था के दो अंग हैं, जो मजबूत न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं।