
मनेन्द्रगढ़। अभाविप इकाई, मनेन्द्रगढ़ द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लेखा पर्यवेक्षक के अनुशासनहीन आचरण को लेकर सौंपे गए ज्ञापन का प्रभाव देखने को मिला।
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसमें संबंधित अधिकारी कार्यालय के अंदर मेज़ पर पैर रखकर मोबाईल चलाते नज़र आए थे।
इस घटना को लेकर विद्यार्थी परिषद ने कड़ी आपत्ति जताते हुए, इसे शासकीय मर्यादा व कार्य-संस्कृति के विरुद्ध बताया था तथा त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यालय, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा जांच उपरान्त संबंधित अधिकारी दिनेश प्रताप शर्मा, लेखा पर्यवेक्षक के विरुद्ध छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अन्तर्गत लघु शास्ति (04) के तहत कार्रवाई करते हुए, उनकी एक वेतन-वृद्धि असंचयी प्रभाव से तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।
विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने इसे छात्र हित व अनुशासन की जीत बताते हुए कहा है कि विद्यालयीन शिक्षा विभाग की गरिमा से समझौता किसी भी प्रकार से नहीं किया जाएगा, उन्होंने जिला प्रशासन व जिला शिक्षा प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, भविष्य में भी जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही है।