
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर विकासखंड में स्थित सुदूर आदिवासी गांव भेजा जंगली में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। यहां रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एनपी सिंह ने ‘तथागत ग्लोबल गुरुकुलम’ की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया। भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे सिंह के साथ अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष जीआर राणा भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जकवार फाउंडेशन और तथागत ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों आदिवासी ग्रामीणों ने शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत राजा राव बाबा और कंकालीन माता की पूजा से हुई। इसके बाद शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। एनपी सिंह ने कहा कि इस गुरुकुल का उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी बच्चों को उच्च कोटि की शिक्षा प्रदान करना है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण युवाओं को शहरी स्तर की शिक्षा न मिलने तक विकसित भारत का स्वप्न अधूरा है।
दिल्ली के नामी स्कूलों के बराबर होगा यह गुरुकुल। यहां निःशुल्क शिक्षा के साथ नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व विकास, सेना भर्ती की तैयारी, रोजगारोन्मुखी कोर्स और महिलाओं के लिए कुटीर उद्योग प्रशिक्षण मिलेगा। फरवरी से निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और राजा राव पूजा के दौरान उद्घाटन का संकल्प लिया गया है। प्रतिभावान गरीब बच्चों को विशेष अवसर प्रदान किए जाएंगे।
भेजा जंगली समेत 10-12 आसपास के गांवों के बच्चों को लाभ होगा। पूजन के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह छा गया। सरपंच शीला यादव, पंच नागेश्वर सलाम, दिनेश यादव और बलराम गोटी जैसे नेता भी मौजूद रहे। यह कदम आदिवासी शिक्षा क्रांति का प्रतीक बनेगा।
