
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने इलाके को स्तब्ध कर दिया है। देवीनवागांव गांव के पास तांदुला नदी किनारे 23 फरवरी को मिली महिला के शव की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। यह हत्या साबित हुई और आरोपी निकला उसकी पत्नी का पति धर्मेंद्र निषाद। पूछताछ में उसने सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
शव मिलते ही बालोद थाने की टीम, वरिष्ठ अफसर, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआती जांच से हत्या का पता चला। शव पोस्टमॉर्टम को भेजा गया और केस दर्ज कर जांच तेज कर दी गई। दुर्ग रेंज आईजी के निर्देशन में एसपी योगेश पटेल ने विशेष दल बनाया।
मृतका की पहचान देवीनवागांव की सावित्री निषाद के रूप में हुई। परिजनों से शिनाख्त कराई गई। गांव में कैंप कर गहन जांच की गई। पता चला कि सावित्री लंबे समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। बिना बताए मायके चली जाती, घर का कोई काम न करती।
उस दिन भी खाना न बनाया। छोटी बेटी भूखी स्कूल गई, बड़ी घर पर थी। पति छठ कार्यक्रम से लौटा तो पत्नी गायब। गुस्से में गांव खोजा, फिर नदी की ओर गया। पुरानी साड़ी रस्सी बनाकर ले गया। पत्नी को देख घोंट दिया गला। स्कार्फ से ढककर हादसे का रूप दिया।
खेतों से घर लौटा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मानसिक बीमारी और बार-बार भागने से तंग आकर उसने कदम उठाया। यह मामला ग्रामीण इलाकों में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है।
