
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों ने माओवाद के खिलाफ अपने अभियान को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। अब सुरक्षा बलों का पूरा ध्यान 25 लाख रुपये के इनामी नक्सल कमांडर पपाराव को पकड़ने पर है। खुफिया जानकारी मिलने के बाद इंद्रावती नेशनल पार्क और अबूझमाड़ के जंगलों में ‘फोकस्ड सर्च ऑपरेशन’ शुरू किया गया है। पपाराव, जो कभी 35 हथियारबंद लड़ाकों के दस्ते का नेतृत्व करता था, अब सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण महज 5 साथियों के साथ छिपने को मजबूर है। सुकमा जिले के निमलगुड़ा का रहने वाला पपाराव पिछले कई दशकों से बस्तर में सक्रिय है। वह माओवादियों की वेस्ट बस्तर डिवीजन का प्रभारी और राज्य स्तरीय जोनल कमेटी का सदस्य है।