
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने प्रशासन को शर्मसार कर दिया है। कुसमी एसडीएम करुण कुमार डहरिया की टीम पर आदिवासी ग्रामीणों के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है, जिसमें 62 वर्षीय रामनरेश राम की मौत हो गई। दो अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है और एसडीएम समेत चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
मामला हंसपुर गांव का है जहां रविवार देर रात करीब दो बजे अवैध बॉक्साइट खनन की शिकायत पर एसडीएम डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा व अन्य थार गाड़ी से पहुंचे। गांव में पहले से ही खनन ट्रकों को लेकर तनाव था। इसी बीच खेत से लौट रहे रामनरेश, अजीत उमराव और आकाश अगरिया को रोका गया। बिना पूछताछ के लाठियों से उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई। अस्पताल ले जाते समय रामनरेश की सांसें थम गईं।
जख्मी आकाश ने बताया, ‘गेहूं की सिंचाई करके घर आ रहे थे तभी 8-9 लोग रास्ता रोककर लाठियों से टूट पड़े। सफेद बोलेरो पर एसडीएम व छत्तीसगढ़ सरकार लिखा था। उन्होंने कुछ नहीं कहा, बस पीटा।’
सोमवार को कुसमी शिव चौक पर सैकड़ों आदिवासियों ने प्रदर्शन किया। चक्का जाम कर एसडीएम मुर्दाबाद के नारे लगाए। आरोपी अधिकारियों के घर बुलडोजर चलाने, मृतक परिवार को 1 करोड़ मुआवजा व नौकरी की मांग की।
पूर्व विधायक महेश्वर ने कहा, ‘बेकसूर ग्रामीणों पर एसडीएम के इशारे पर अत्याचार हुआ। कड़ी कार्रवाई व मुआवजा दो, वरना आंदोलन तेज होगा।’ स्थानीय सोमनाथ भगत बोले, ‘यह अधिकारी गुंडागर्दी का आदी है, कईयों को सताया।’
कुसमी में तैनाती के बाद डहरिया विवादों से घिरे रहे। पुलिस ने उन पर हत्या का केस दर्ज कर सोमवार शाम गिरफ्तार किया। विक्की सिंह, सुदीप यादव व मंजीत यादव भी आरोपी हैं। जांच जारी है, लेकिन आदिवासी समाज न्याय की मांग कर रहा है।