
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में बुधवार को आयोजित छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में विकास की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर stamp लग गई। नशे के खिलाफ जंग तेज करने के लिए 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के 100 नए पद स्वीकृत किए गए। रायपुर से बस्तर तक इन जिलों में अब नशाबंदी की मजबूत कवच बनाया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच में एसओजी के 44 पदों को हरी झंडी मिली, जो संकटकाल में तत्काल कार्रवाई कर खतरे को मुंह तोड़ जवाब देगी।
विमानन क्षेत्र में क्रांति लाने को एयरपोर्टों पर फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना के दिशानिर्देश मंजूर। निजी भागीदारी से पायलट प्रशिक्षण, एयरो स्पोर्ट्स और हेलीकॉप्टर सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
नवाचार एवं स्टार्टअप नीति 2025-26 को अनुमोदित कर राज्य को इनोवेशन हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। इंक्यूबेटरों का मजबूत नेटवर्क बनेगा, निवेश आकर्षित होगा।
35 आवासीय कॉलोनियों का नगर निगमों को हस्तांतरण तय, जिससे निवासियों को दोहरी फीस से मुक्ति मिलेगी और पानी-बिजली-सड़क जैसी सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
नवा रायपुर में विशाल बहुमंजिला भवन से सरकारी कार्यालयों का समग्र उपयोग होगा। सिरपुर-अरपा में कलेक्टरों को भूमि आवंटन अधिकार देकर योजनाबद्ध विकास को गति दी गई।
क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर सभी विभागों को सुरक्षित क्लाउड सेवाओं पर ले जाया जाएगा, जिससे डिजिटल गवर्नेंस मजबूत बनेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की योजना से डिजिटल संपर्क बढ़ेगा, ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा और डायल 112 जैसी सेवाएं दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेंगी, आर्थिक उन्नति को बल मिलेगा।
