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छत्तीसगढ़: 41 नक्सलियों ने हथियार डाले, 1.19 करोड़ का था इनाम

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई हुई है, जहाँ बुधवार को कुल 41 नक्सलियों, जिनमें 12 महिलाएँ शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 32 नक्सलियों पर...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|छत्तीसगढ़|
November 27, 2025
छत्तीसगढ़: 41 नक्सलियों ने हथियार डाले, 1.19 करोड़ का था इनाम
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई हुई है, जहाँ बुधवार को कुल 41 नक्सलियों, जिनमें 12 महिलाएँ शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 32 नक्सलियों पर कुल 1.19 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इन नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने हथियार सौंपे।

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने सरकारी पुनर्वास नीति और बस्तर रेंज पुलिस के 'पूना मार्घम' (सामाजिक पुन:एकीकरण के लिए पुनर्वास अभियान) से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है।

किसने किया आत्मसमर्पण?

समर्पित 41 नक्सलियों में से चार पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर 1 और माओवादियों की विभिन्न कंपनियों के सदस्य थे। तीन एरिया कमेटी के सदस्य, 11 प्लाटून और एरिया कमेटी के पार्टी सदस्य, दो पीएलजीए सदस्य, चार मिलिशिया प्लाटून कमांडर, एक उप-कमांडर, छह मिलिशिया प्लाटून सदस्य और बाकी प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के फ्रंटल संगठनों से जुड़े थे।

इन 41 कैडरों में से 39 माओवादियों के दक्षिण उप-क्षेत्रीय ब्यूरो से संबंधित थे। सभी प्रतिबंधित संगठन की दंडकारण्य विशेष ज़ोनल समिति, तेलंगाना राज्य समिति और धमतरी-गंडियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजनों से जुड़े थे।

सिर पर था 1.19 करोड़ का इनाम

समर्पित कैडरों ने संविधान में अपना विश्वास व्यक्त किया और लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर एक गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन जीने की कसम खाई। राज्य की पुनर्वास नीति के तहत, उनमें से प्रत्येक को तत्काल 50,000 रुपये का प्रोत्साहन मिला।

समर्पित माओवादियों में से नौ कैडरों - पांडरु हापका उर्फ ​​मोहन (37), बंदी हापका (35), लाखू कोर (37), बद्रू पुनेम (35), सुखराम हेमला (27), मंजुला हेमला (25), मंगली माडवी उर्फ ​​शांति (29), जयराम कड़ियाम (28), और पांडो मडकम उर्फ ​​चांदनी (35) - पर प्रत्येक पर 8 लाख रुपये का इनाम था।

इसके अलावा, तीन कैडरों पर प्रत्येक पर 5 लाख रुपये, 12 पर 2 लाख रुपये और आठ अन्य पर 1 लाख रुपये का इनाम था।

जनवरी 2024 से 790 माओवादी कैडर हिंसा छोड़ चुके हैं

यादव ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने शेष माओवादियों से हिंसा का मार्ग छोड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा, "माओवादियों को भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्याग कर बिना डर ​​के समाज में लौट आना चाहिए। 'पूना मार्घम' अभियान उन लोगों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर भविष्य सुनिश्चित करता है जो आत्मसमर्पण करते हैं।"

एसपी ने बताया कि इस आत्मसमर्पण के साथ, जनवरी 2024 से अब तक जिले में कुल 790 माओवादी कैडर हिंसा छोड़ चुके हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।

इसी अवधि में, जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में 202 नक्सलियों को मार गिराया गया और 1,031 कैडरों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, पिछले 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2,200 से अधिक नक्सलियों, जिनमें शीर्ष कैडर भी शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण किया है।

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