
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सियादेवी जलाशय प्रकृति प्रेमियों और साहसिक यात्रियों के लिए नया स्वर्ग बन रहा है। जिला प्रशासन ने 13 से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय इको एडवेंचर फेस्ट का आगाज किया, जिसमें बैंबू राफ्टिंग, हॉट एयर बलून और बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां शामिल हैं। जंगलों, नदी और आकाश के बीच यह फेस्ट पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ स्थानीय संस्कृति को भी संजोए रखेगा।
गुरूर विकासखंड के नारागांव में स्थित यह जलाशय धार्मिक स्थल सियादेवी से सटा हुआ है। शुक्रवार को शुरू हुए फेस्ट में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय कलाकारों ने गीत नृत्य से समां बांध दिया। स्टॉलों पर ठेठरी, खुरमी जैसे पारंपरिक व्यंजन और हस्तनिर्मित उत्पादों ने पर्यटकों को खूब लुभाया।
विधायक संगीता सिन्हा ने प्रशासन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि सियादेवी तट अब खूबसूरत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि यह वन ग्राम होने से आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास है। यहां की सभी राफ्ट और दुकानें स्थानीय महिलाएं चला रही हैं, जो सशक्तिकरण की मिसाल हैं।
बस्तर की तर्ज पर बनी बैंबू राफ्टिंग से जलक्रीड़ा का मजा, बलून राइड से आकाशीय दृश्य और बोटिंग से शांतिपूर्ण भ्रमण। यह फेस्ट न केवल साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। बालोद जल्द ही पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा।
