
जगदलपुर के लालबाग मैदान में बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया कि पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बस्तर को भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अनमोल रत्न बताया और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसकी परंपराओं को पुनर्जीवित करने की सराहना की।
बस्तर संभाग के सात जिलों की 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों से 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया जाएगा।
शाह ने कहा कि बस्तर की संस्कृति भगवान राम के काल से अक्षुण्ण है और विश्व में इसका कोई सानी नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धरती आबा एवं पीएम जनमन योजनाओं से 700 से अधिक जनजातियों की विरासत को नई जान मिली है।
नियद नेल्ला नार योजना से माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें, पुल, मोबाइल टावर, राशन, जल, आधार और आयुष्मान कार्ड पहुंचे हैं। 40 गांवों में स्कूल दोबारा खुले, जहां अब गोलियों की जगह घंटियां बजती हैं।
बस्तर में 118 एकड़ औद्योगिक क्षेत्र बनेगा, पर्यटन बढ़ेगा। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर में 2.75 लाख एकड़ सिंचाई के लिए 220 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू होगा। रेल और नदी जोड़ो परियोजनाएं विस्तार पाएंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की पहचान का उत्सव है, माता दंतेश्वरी से जुड़ा। अमित शाह के स्नेह के लिए आभार। इस वर्ष 54 हजार कलाकारों ने भाग लिया, पिछले साल 47 हजार थे। 12 कलाओं का प्रदर्शन देश-दुनिया ने सराहा।
यह आयोजन सांस्कृतिक पुनरुत्थान और नक्सल मुक्ति का प्रतीक बन गया।