
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला दिया है। पहले घरेलू कामकाज तक सीमित रही महिलाएं अब स्वरोजगार की राह पर अग्रसर हैं। वे अपने पारंपरिक उत्पादों को आकर्षक ब्रांडिंग और पैकेजिंग के साथ बाजार में उतार रही हैं, जो बड़ी कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं।
जिला प्रशासन ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आशा बिहान बाजार नामक एक विशेष आउटलेट खोला है। यहां छत्तीसकला ब्रांड के तहत मोरिंगा पाउडर, कच्ची घानी सरसों का तेल, जीरा फूल चावल और तीखुर का आटा जैसे शुद्ध उत्पाद बिक रहे हैं। ये सामान अब शहर की दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं, जिससे पूरे प्रदेश में इनकी पहुंच बढ़ गई है।
किशुन नगर की आशा देवी इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से 5 लाख रुपये के ऋण पर उन्होंने आशा बिहान दुकान स्थापित की। ‘पहले बिक्री के लिए जगह की तंगी थी, लेकिन अब हम अपने गांव की शुद्ध वस्तुओं को आसानी से बेच पा रहे हैं,’ उन्होंने कहा।
जिला पंचायत के सीईओ विनय अग्रवाल बताते हैं कि बेहतर ब्रांडिंग से उत्पादों को वह बाजार स्थान मिल रहा है, जो पहले संभव नहीं था। यह योजना न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दे रही है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास भी भर रही है। सरगुजा का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगा।